Jashpur News: अब जशपुर में ही पढ़ाई और इलाज की नई राह, कंडोरा में शुरू होगा फिजियोथेरेपी कॉलेज
50 सीटों पर इसी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश की तैयारी; 1 करोड़ 10 लाख रुपये के भवन में होगी शुरुआत, चराईडांड में 13 करोड़ 93 लाख रुपये से बनेगा स्थायी हाईटेक कैंपस

रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। जशपुर के युवाओं के लिए स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र से बड़ी खबर है। अब फिजियोथेरेपी की पढ़ाई के लिए जिले के विद्यार्थियों को दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ सकता। कुनकुरी विकासखंड के कंडोरा में फिजियोथेरेपी कॉलेज शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
कॉलेज में शुरुआती तौर पर 50 सीटों पर इसी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश शुरू करने की तैयारी है। खास बात यह है कि कॉलेज का संचालन फिलहाल करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित भवन में किया जाएगा, जबकि भविष्य के लिए चराईडांड के पास करीब 13 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से स्थायी हाईटेक कैंपस विकसित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में की जा रही इस पहल से जशपुर में एक तरफ विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा का नया विकल्प खुलेगा, तो दूसरी तरफ आने वाले समय में फिजियोथेरेपी सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
एक भवन का बदला उपयोग, युवाओं के लिए खुला नया अवसर
कंडोरा में पहले करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से हाईस्कूल भवन तैयार किया गया था। हाईस्कूल संचालन की अनुमति नहीं मिलने के बाद अब शासन ने पहले से उपलब्ध अधोसंरचना का दूसरे उपयोग में लेने का निर्णय किया है।
इसी भवन में प्रारंभिक तौर पर फिजियोथेरेपी कॉलेज संचालित करने की तैयारी है। इस फैसले से तैयार भवन का उपयोग भी सुनिश्चित होगा और जशपुर जिले में स्वास्थ्य शिक्षा का नया संस्थान शुरू करने की दिशा में कदम भी आगे बढ़ेगा।
50 सीटें, जिले के युवाओं को घर के पास प्रोफेशनल एजुकेशन
फिजियोथेरेपी कॉलेज की शुरुआत का सबसे सीधा फायदा जशपुर और आसपास के विद्यार्थियों को मिलेगा। शुरुआत में 50 सीटों के साथ कॉलेज संचालन की तैयारी है। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को अपने जिले में ही व्यावसायिक शिक्षा का विकल्प मिल सकेगा।
फिजियोथेरेपी की पढ़ाई में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी महत्वपूर्ण होता है। कॉलेज शुरू होने के बाद विद्यार्थियों को इसी क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और भविष्य में रोजगार तथा स्वरोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।
सिर्फ पढ़ाई नहीं, मरीजों के लिए भी बढ़ेंगी सुविधाएं
इस परियोजना का असर सिर्फ विद्यार्थियों तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। जशपुर जिले में ऐसे मरीजों की संख्या है जिन्हें फिजियोथेरेपी उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर फिजियोथेरेपी शिक्षा और विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार होने से भविष्य में मरीजों को अपने जिले में ही बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
कॉलेज के माध्यम से प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होने के साथ जिले में फिजियोथेरेपी सेवाओं के विस्तार का आधार भी मजबूत हो सकता है।
चराईडांड में बनेगा स्थायी हाईटेक कैंपस
कंडोरा का भवन कॉलेज के लिए शुरुआती व्यवस्था होगी। भविष्य में फिजियोथेरेपी कॉलेज के लिए चराईडांड के पास 13 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से स्थायी हाईटेक कैंपस विकसित करने की योजना है।
स्थायी कैंपस तैयार होने के बाद विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक वातावरण, प्रशिक्षण सुविधाएं और बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध कराने का रास्ता खुलेगा।
यानी कंडोरा में शुरुआत और चराईडांड में स्थायी विस्तार—फिजियोथेरेपी शिक्षा के लिए जशपुर में एक चरणबद्ध व्यवस्था तैयार की जा रही है।
जशपुर के स्वास्थ्य शिक्षा नक्शे पर बढ़ेगा दायरा
फिजियोथेरेपी कॉलेज की प्रस्तावित शुरुआत जशपुर में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े शिक्षा विकल्पों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
एक ओर स्थानीय युवाओं को अपने जिले में प्रोफेशनल कोर्स का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होने से भविष्य में स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को भी इसका लाभ मिल सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। कंडोरा में फिजियोथेरेपी कॉलेज की प्रस्तावित शुरुआत इसी दिशा में एक नई पहल के रूप में सामने आई है।
